प्रेम कुमार, BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों का BRICS पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी बड़ी वजह यह है कि इस मंच पर विकासशील देशों की आवाज को सुना जाता है और उनके अनुभवों को भी महत्व दिया जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि BRICS केवल देशों के बीच सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि यह उन देशों को अपनी प्राथमिकताएं और चुनौतियां सामने रखने का अवसर भी देता है, जो वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
बढ़ते वैश्विक तनाव का आम लोगों पर असर
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में बढ़ रहे तनाव और अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आ रहे संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के देश पहले की तुलना में कहीं अधिक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक हिस्से में पैदा होने वाली समस्या का असर दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है। पीएम मोदी ने कोरोना महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों को इसका उदाहरण बताया। इन घटनाओं ने यह साफ किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और समाज एक-दूसरे पर कितने निर्भर हैं।
एक जगह का संकट दूसरे देशों को भी करता है प्रभावित
पीएम मोदी के मुताबिक, किसी एक देश या क्षेत्र में पैदा हुआ संकट केवल वहीं तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव व्यापार, आपूर्ति व्यवस्था, स्वास्थ्य और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने BRICS देशों के बीच बेहतर सहयोग और साझा समाधान विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए देशों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हुए मिलकर काम करना होगा।
संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए नई पहल
BRICS सम्मेलन में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान BRICS Integrated Early Warning System को लेकर सहमति बनी। इसका उद्देश्य संक्रामक बीमारियों के संभावित प्रसार की शुरुआती जानकारी हासिल करने और उनके प्रभाव से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। इसके अलावा आपदाओं से संबंधित जानकारी को बेहतर तरीके से साझा करने के लिए Early Warning Data Integration Guidelines को भी महत्व दिया गया। इससे अलग-अलग देशों के बीच आपदा संबंधी डेटा के बेहतर इस्तेमाल और समन्वय में मदद मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग पर जोर
BRICS सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में उन्होंने सहयोग, संवाद और साझा समाधान की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पर्याप्त महत्व मिलना जरूरी है। BRICS को उन्होंने ग्लोबल साउथ के लिए ऐसा मंच बताया, जहां उनकी चिंताओं और अनुभवों को जगह मिलती है।
ग्रुप फोटो में साथ दिखे मोदी, जिनपिंग और पुतिन
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में नेताओं का ग्रुप फोटो भी चर्चा में रहा। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी नजर आए। सम्मेलन के दौरान वैश्विक तनाव, स्वास्थ्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में भी वैश्विक संकटों के बढ़ते प्रभाव और उनसे मिलकर निपटने की आवश्यकता प्रमुखता से सामने आई।
