सड़क हादसे के बाद भड़की थी हिंसा
दरअसल, 17 अक्टूबर को कुबेरपुर गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार 28 वर्षीय चंद्रवती जायसवाल को टक्कर मार दी थी। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना से नाराज ग्रामीणों ने घंटों चक्काजाम किया। बाद में भीड़ ने दुर्घटनाकारित ट्रैक्टर और एक क्रशर प्लांट में आग लगा दी। इस दौरान मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी घंटों बंधक बनाए रखा गया था।
पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद कलेक्टर ने मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर पर तनावपूर्ण स्थिति के दौरान अपेक्षित सक्रियता और तत्परता नहीं दिखाने की बात सामने आई। कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर कमिश्नर ने निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान करमचंद जाटवर का मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
