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सपा विधायक धरने पर बैठे, पुलिस ने युवक को छोड़ा

कानपुर में चोरी के शक में हिरासत में लिए युवक को छुड़ाने सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने पुलिस चौकी के बाहर करीब 8 घंटे धरना दिया, युवक के रिहा होने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ

कानपुर पुलिस चौकी के बाहर युवक की हिरासत के विरोध में धरने पर बैठे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई कानपुर पुलिस चौकी के बाहर युवक की हिरासत के विरोध में धरने पर बैठे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई

प्रेम कुमार, कानपुर: चोरी के शक में हिरासत में लिए गए एक युवक को छुड़ाने के लिए सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने पुलिस चौकी के बाहर करीब 8 घंटे तक धरना दिया। विधायक ने पुलिस पर युवक के साथ मारपीट करने और उसे गलत तरीके से मामले में फंसाने का आरोप लगाया। मामले के दौरान पुलिस चौकी पहुंचे एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और विधायक के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शन में व्यापारियों, वकीलों और विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया।

चोरी के मामले में युवक को पूछताछ के लिए पकड़ा

घुमनी बाजार निवासी राजेश अग्रवाल के मुताबिक, शनिवार रात उनके घर से 3.50 लाख रुपये नकद और करीब डेढ़ किलो चांदी समेत लगभग सात लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था। उनकी पत्नी संगीता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज के आधार पर अमन अग्रवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसके विरोध में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई अपने समर्थकों के साथ फीलखाना थाने की सिरकी मोहाल पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए।

विधायक ने लगाया मारपीट का आरोप

विधायक का आरोप था कि युवक को पुलिस ने पट्टे से पीटा। उन्होंने पुलिस चौकी में मौजूद एक पट्टा दिखाते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। अमिताभ बाजपेई ने आरोप लगाया कि जब वह युवक के बारे में जानकारी लेने चौकी पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों और चौकी प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने युवक को चोरी के मामले में फंसाने की आशंका भी जताई। विधायक के समर्थन में बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, व्यापार मंडल के लोग तथा सपा और भाजपा से जुड़े स्थानीय पार्षद और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए।

एसीपी और विधायक के बीच हुई तीखी बहस

धरने के दौरान एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय भी मौके पर पहुंचे। एसीपी ने कहा कि पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर मामले की जांच करती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि हर संदिग्ध को इसी तरह भीड़ जुटाकर छुड़ाया जाने लगे तो पुलिस के लिए अपराध की जांच करना मुश्किल होगा। इस पर विधायक ने पुलिस की गश्त और युवक से पूछताछ के तरीके पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही।

महिला थानेदार से भी हुई कहासुनी

विधायक की फीलखाना थाने की महिला थानेदार रीना सिंह से भी बातचीत के दौरान बहस हुई। विधायक ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। मामले के दौरान विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कई सवाल उठाए और युवक को बिना पर्याप्त सबूत हिरासत में रखने का विरोध किया।

सबूत नहीं मिलने पर युवक को छोड़ा गया

एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि युवक को सिर्फ संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए लाया गया था। उन्होंने पुलिस पर मारपीट के आरोपों को गलत बताया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान युवक के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। युवक की रिहाई के बाद करीब आठ घंटे से चल रहा विधायक का धरना समाप्त हुआ। फिलहाल पुलिस चोरी के मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

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