प्रेम कुमार, राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजे 14 सितंबर को सामने आए। चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। नतीजों के बाद बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के विजयी उम्मीदवारों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।
मायावती ने जीत पर दी बधाई
मायावती ने कहा कि राजस्थान के निकाय चुनाव में BSP ने इस बार 19 पार्षदों को जीत दिलाकर भेजा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई अन्य उम्मीदवार भी जीत सकते थे, लेकिन सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी के कारण दोबारा गिनती में उन्हें मामूली वोटों के अंतर से हरा दिया गया।
मायावती के मुताबिक, अगर ऐसा नहीं होता तो राजस्थान में BSP का परिणाम और बेहतर हो सकता था। उन्होंने पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जीत के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
दूसरे राज्यों के निकाय चुनाव का भी किया जिक्र
मायावती ने राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और देश के कुछ अन्य राज्यों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में भी BSP का प्रदर्शन पहले की तुलना में बेहतर रहा है और इसके लिए पार्टी के लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले विधानसभा चुनावों के साथ देश में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी पार्टी बेहतर परिणाम हासिल करेगी।
राजस्थान में BJP सबसे आगे
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, निकाय चुनाव में BJP सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी रही। BJP ने 4,179 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं कांग्रेस को 3,613 सीटों पर जीत मिली। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2,273 सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा आम आदमी पार्टी को 42, BAP को 8, CPI(M) को 38 और RLP को 63 सीटें मिलीं। NPP का खाता नहीं खुल सका।
CM भजनलाल शर्मा ने BJP की जीत पर जताया आभार
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP के सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश की जनता का आभार जताया और BJP कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इस जनादेश को विकास, सुशासन और जनसेवा के प्रति जनता के विश्वास का संकेत बताया। वहीं, निकाय चुनाव के नतीजों के बाद राजस्थान की राजनीति में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
