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हाईकोर्ट से मिली राहत, रिटायरमेंट से पहले गृह जिले में पोस्टिंग का आदेश

जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले आबकारी हेड कांस्टेबल ने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग की मांग की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर आदेश जारी करने के निर्देश दिए

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर आबकारी हेड कांस्टेबल को गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर आबकारी हेड कांस्टेबल को गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग

प्रेम कुमार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को उन्हें रायगढ़ से उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने के मामले पर विचार कर आदेश की कॉपी मिलने के 15 दिन के भीतर पोस्टिंग आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच में हुई। नेल्सन लवेट वर्तमान में रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रायगढ़ से बिलासपुर ट्रांसफर किए जाने और वर्ष 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का लाभ देने की मांग की थी। उनका कहना था कि रिटायरमेंट नजदीक होने के कारण उन्हें गृह जिले में पदस्थापना का लाभ मिलना चाहिए।

1993 में सेल्समैन के पद पर हुई थी नियुक्ति

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि नेल्सन लवेट की नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के पद पर हुई थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया और आबकारी आरक्षक के पद पर नियुक्त किया गया।

वर्ष 2014 में उनका तबादला कोरबा से बिलासपुर किया गया था। इसके बाद 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2023 में प्रमोशन मिलने के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जुलाई 2027 में रिटायरमेंट, पत्नी का भी चल रहा इलाज

याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके साथ ही उनकी पत्नी की तबीयत भी ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। नेल्सन लवेट ने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए विभाग के सामने कई बार आवेदन किया था। हालांकि, उनके आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर दी दलील

राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि 5 जून 2025 को जारी ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती। सरकार ने दलील दी कि संबंधित नीति में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद के स्थान पर पोस्टिंग दिए जाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसलिए केवल गृह जिले में पदस्थापना की मांग के आधार पर ट्रांसफर का दावा नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को नहीं माना

मामले के तथ्यों और याचिकाकर्ता की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार की दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि नेल्सन लवेट जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं और वे गृह जिले में पोस्टिंग के लिए पहले भी कई बार आवेदन कर चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि एक साल के भीतर रिटायर होने वाले कई विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है। ऐसे में याचिकाकर्ता के मामले पर भी इसी तरह विचार किया जाना चाहिए।

क्लॉज 3.12 को लेकर कोर्ट ने दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 को लेकर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि इस प्रावधान के लागू नहीं होने की बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता की परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित अधिकारी को मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम कार्रवाई संबंधित अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत करनी होगी। इसके लिए आदेश की कॉपी मिलने के बाद तय समयसीमा में निर्णय लेना होगा।

15 दिन के भीतर बिलासपुर पोस्टिंग का आदेश

हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर नेल्सन लवेट के मामले पर विचार किया जाए और उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने का आदेश जारी किया जाए। इस आदेश के साथ हाईकोर्ट ने नेल्सन लवेट की याचिका को स्वीकार कर लिया। फैसले से रिटायरमेंट के करीब पहुंचे कर्मचारी को गृह जिले में सेवा पूरी करने का अवसर मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

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