रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले में ED को मिले डिजिटल सबूत : कॉलेज ने नकली पेशेंट दिखाकर हासिल की थी मान्यता।

प्रेम कुमार PMN 24 NEWS: रायपुर। रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले में अब प्रबंधक पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। ED की दो दिन तक चली ताबड़तोड़ छापेमारी में जो डिजिटल सबूत मिले हैं, उसने कॉलेज प्रबंधन की पूरी फ़र्ज़ी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। मिली सूत्रों के अनुसार कॉलेज के प्रबंधक और डायरेक्टर स्तर के अधिकारी फर्जी निरीक्षण सेटिंग, नकली मरीजों की भर्ती, नाममात्र की फैकल्टी और हवाला के जरिए हुई पैसों की डील में सीधे तौर पर शामिल पाए गए हैं। RED MORE:जल संसाधन विभाग रायपुर में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर: EE आर.के. शर्मा और SDO पर करोड़ों की कमीशनखोरी का आरोप।

कॉलेज प्रबंधक ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी को पैसे देकर सीटों की संख्या बढ़ने का हुआ खुलासा।

PMN 24 CG NEWS: 27 नवंबर को हुई संयुक्त कार्रवाई में ED ने रावतपुरा मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े ठिकानों से मोबाइल, DVR, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और सर्वर डेटा जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि निरीक्षण से पहले कॉलेज को गोपनीय जानकारी लीक होती थी। पूरा फर्जी सेटअप पहले से तैयार किया जाता था। अस्पताल की क्षमता दिखाने प्रबंधक ने नकली मरीजो की भर्ती कराए थे। संचालक ने मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी की संख्या बढ़ाने के लिए घोस्ट फैकल्टी दिखाकर उपस्थिती दर्ज कराई थी। साथ ही प्रबंधक ने बिचौलियों के जरिए रिश्वत रिश्ता सेट किया गया। एवं फैकल्टी सीटें बढ़ाने के लिए हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे पहुंचाए जाने का कई अहम डिजिटल दस्तावेजों का मिले है। RED MORE:

रावतपुरा मेडिकल कॉलेज काले करतूतें हुए बेनकाब, कॉलेज प्रबंधक पर मान्यता बढ़ने फर्जी मरीजों से लेकर हवाला तक का पूरा खेल।
देश भर में एक ही दिन में पड़े कई मेडिकल कॉलेजों पर पड़े छापे,आगे और सख्त होगी ED की कार्रवाई।

ED अब डिजिटल सबूतों के जरिए प्रबंधक और पूरी टीम की फर्जीवाड़ा करने का खंगाल रही भूमिका।

PMN 24 CG NEWS: रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक पर आरोप है कि फर्जी मरीजों की भर्ती की पूरी व्यवस्था उसी की निगरानी में की गई। निरीक्षण टीम के सामने अस्पताल को दिखाने अस्थायी सेटअप उसी ने तैयार करवाए है। साथ ही हवाला के जरिए पैसों की डील में शामिल रहा। CBI की रिपोर्ट में जिसका नाम सामने आया, उस पूरी गड़बड़ी को मैनेजमेंट लेवल पर प्रबंधक ही संचालित करता था। सूत्रों का दावा है कि ED जल्द ही प्रबंधक से कड़ी पूछताछ कर सकती है। RED MORE:शराब घोटाला मामले में ED ने चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 364 प्लॉट और चल संपत्ति अटैच।

CBI AC-III शाखा में हुई FIR के आधार पर डायरेक्टर अतुल तिवारी गिरफ्तार।

PMN 24 CG NEWS: विशेष गोपनीय सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC के कुछ अधिकारी अवैध तरीके से जानकारी लीक कर रहे थे। बिचौलियों का गैंग कॉलेजों से पैसा लेकर इंस्पेक्शन मैनेज करता था। फर्जी मरीज, फर्जी फैकल्टी और झूठे दस्तावेजों के जरिए मान्यता ली जाती थी अब ED इसी FIR को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही है। रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रायपुर के  डायरेक्टर अतुल तिवारी को CBI पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, ED की नजर में फिर आ गया है। सूत्रों से पता चला है कि सीट बढ़ाने की सौदेबाजी में हवाला लेन-देन की बड़ी भूमिका थी। पूरी रकम प्रबंधक डायरेक्टर नेटवर्क के जरिए आगे पहुंचाई गई। कई डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्डिंग में ट्रांजैक्शन के सुराग मिले हैं। RED MORE:

CBI AC-III शाखा में हुई FIR के आधार पर डायरेक्टर अतुल तिवारी गिरफ्तार।
CBI AC-III शाखा में हुई FIR के आधार पर डायरेक्टर अतुल तिवारी गिरफ्तार।

देश भर में एक ही दिन में पड़े कई मेडिकल कॉलेजों पर पड़े छापे,आगे और सख्त होगी ED की कार्रवाई। 

PMN 24 CG NEWS: ED ने एक ही दिन में देश भर के कई अलग अलग मेडिकल कॉलेजों पर एक्शन लिया, जिनमें प्रमुख है। श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च, रायपुर,इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, इंदौर,गायत्री मेडिकल कॉलेज, विशाखापट्टनम फादर कोलंबो इंस्टीट्यूट, वारंगल,स्वामीनारायण मेडिकल कॉलेज, कालोल,NCR इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेरठ,श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज, खगड़िया में मेडिकल कॉलेजों के सीटों की संख्या बढ़ने NMC के अधिकारियों को निरीक्षण सेटिंग से हवाल के पैसे का लेनदेन करने के आरोप में ED ने एक साथ छापेमारी कार्यवाही की थी।  ED ने मामले में डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दिया। है।सूत्रों का दावा है कि लेन-देन के चैट, निरीक्षण सेटिंग के स्क्रीनशॉट, बिचौलियों की कॉल डिटेल पैसों के हवाला रूट,सभी की कड़ी रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च रायपुर के प्रबंधक अतुल तिवारी तक जाती दिख रही है। आने दिनों में जांच एजेंसियां मेडिकल कॉलेजों के दोषियों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्यवाही कर सकती हैं। RED MORE:

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