लक्ष्मी नगर में शासकीय नजूल ज़मीन पर अवैध कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स।

निगम से 4 नोटिस 3 बार  बुलडोज़र कार्यवाही के बाद फिर भी भू माफियाओ का कब्ज़ा।

प्रेम कुमार। PMN 24 NEWS: रायपुर। राजधानी रायपुर के लक्ष्मी नगर,वार्ड क्रमांक 59 स्थित बड़े नहर रोड पर शासकीय नजूल ज़मीन पर भू माफियाओं का अवैध निर्माण का जाल अब खुलकर सामने आ गया है। स्थानीय नागरिकों की शिकायत ने बिल्डर सूत खोर योगेश वर्मा पर सरकारी भूमि पर कब्ज़ा कर करोड़ों की संपत्ति हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और निगम अधिकारियों जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से अवैध कॉमर्शियल दुकानों के निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर से लगी यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से शासकीय नजूल के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद बिल्डर योगेश वर्मा द्वारा वर्षों से अवैध निर्माण कर दुकानों को किराए पर दिया जा रहा है। आरोप है कि पहले से बसे स्थानीय लोगों को डराकर धमकाकर ज़मीन अपने नाम कराने का खेल खेला गया। Read More:विवादों के बाद DSP कल्पना वर्मा की पहली तस्वीर आया सामने, SSP कार्यालय पहुंचकर कराई बयान दर्ज। 

 

मीडिया स्टिंग में खुली पोल, किराए पर देने की सौदेबाज़ी।

PMN 24 NEWS: शिकायत मिलने के बाद मीडिया टीम ने मामले की पड़ताल की। कॉरपोरेट ऑफिस खोलने के बहाने अवैध रूप से बनी दुकानों को किराए पर लेने के लिए बिल्डर योगेश वर्मा से बातचीत की गई। बिल्डर के द्वारा 5 नए बनाए अवैध दुकान को 60 हजार प्रतिमाह किराया और 2 लाख सिक्योरिटी की मांग करते हुए स्वयं रिनोवेशन की अनुमति देने की बात कही। जब दुकानों के वैधानिक दस्तावेज मांगे गए तो योगेश वर्मा ने अपने नाम रजिस्ट्री, टैक्स रसीद, विद्युत मीटर सहित तमाम कागजात दिखाने का दावा किया, लेकिन पूछताछ में गोलमोल जवाब देते हुए यह भी कबूल किया कि ज़मीन नजूल है और लीज पर ली गई है। जो अपने आप में गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। Read More:रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले में ED को मिले डिजिटल सबूत : कॉलेज ने नकली पेशेंट दिखाकर हासिल की थी मान्यता।

पार्षद–जोन कार्यालय 06 के अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप,नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ दिखावा?

PMN 24 NEWS: विशेष सूत्रों के अनुसार, नहर किनारे की नजूल ज़मीन को अपने नाम कराने और कार्रवाई रुकवाने के लिए वार्ड पार्षद अंजलि जितेंद्र गोलछा और नगर निगम जोन क्रमांक 06 के अधिकारियों को लाखों रुपये की अवैध राशि देने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि निगम द्वारा चार बार नोटिस, तीन बार बुलडोज़र कार्रवाई के बावजूद हर बार फिर से अवैध निर्माण खड़ा कर दिया गया जो साफ तौर पर संरक्षण की ओर इशारा करता है। नगर निगम रायपुर अवैध कब्ज़ों के खिलाफ अभियान की बात करता है, लेकिन लक्ष्मी नगर नहर रोड पर बार-बार उभरता अवैध निर्माण निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जोन 06 के जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं। Read More: छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की कीमत तय करने के नए नियम लागू, पुराने मकानों पर रियायत

बाइपास रोड परियोजना भी भ्रष्टाचार की भेंट,PWD अधिकारी जिम्मेदारी से भागते नज़र आए।

PMN 24 NEWS: भाटागांव अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड से पचपेड़ी नाका चौक तक बड़े नहर रोड को 60 फीट चौड़ा करने की योजना शासन स्तर पर स्वीकृत है और टेंडर भी जारी हो चुका है। PWD और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए, लेकिन PWD विभाग क्रमांक 01 की लापरवाही के चलते काम ठप पड़ा है।PWD विभाग क्रमांक 01 के एसडीओ प्रदीप कुमार अग्रवाल और ईई राजीव नशीने से जब कार्य की प्रगति और स्टेटस पूछा गया तो दोनों अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए। किसी को काम की जानकारी नहीं होना, शासन की करोड़ों की परियोजना पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

जनता का सवाल — कब टूटेगा संरक्षण का किला?

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि
* अवैध निर्माण तुरंत ध्वस्त हों
* दोषी बिल्डर, पार्षद और अधिकारियों पर FIR दर्ज हो
* शासकीय भूमि को मुक्त कर बाइपास रोड का कार्य शुरू किया जाए

अब सवाल यह है कि भू माफिया अधिकारी–राजनीति के गठजोड़ पर कब चलेगा बुलडोज़र?

या फिर शासकीय ज़मीन यूं ही निजी तिजोरी भरने का ज़रिया बनी रहेगी?

 

leave a reply