शराब भट्टी के सामने अवैध शराब माफिया ने  व्यापारी और कर्मचारियों पर की जानलेवा हमला,घटना के 3 दिन बाद थाने में नहीं हुआ मामला दर्ज

शिकायत के बाद व्यापारी को नाम वापसी करने जान से मारने की मिली धमकी, गंज थाना प्रभारी पर लगा गंभीर आरोप।

प्रेम कुमार PMN 24 NEWS: रायपुर। राजधानी रायपुर के गंज मंडी के पास शराब माफिया के द्वारा खुलेआम अवैध शराब की बिक्री धल्ले से चल रही हैं। यह पूरा मामला गंज थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शराब माफिया के द्वारा बकायदा शासकीय शराब दुकान के सामने अस्थायी दुकानें बनाकर सुबह 4 बजे से ही अवैध रूप से शराब की बिक्री करते नजर आ रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध शराब के काले कारोबार का व्यवसाय स्थानीय बीजेपी के कद्दावर नेता और गंज थाना प्रभारी के संरक्षण से अवैध शराब माफिया का कारोबार फल फूल रहा है। बता दे कि गंज मंडी व्यापारी ने आपने दुकान किराए में देने दुकान के कर्मचारी को दुकान का वीडियो बनाने भेजा। दूकान की वीडियो बनाने गए कर्मचारी जितेंद्र श्रीवास को शराब माफिया के 8 से 10 गुर्गों ने  गली गलौज देते मारपीट शुरू कर दिया। इतना ही नहीं कर्मचारी जितेंद्र श्रीवास को शराब माफिया के द्वारा धारदार चाकू से जन से मारने की नियत से दौड़ने लगा कर्मचारी ने किस तरह अपनी जान बचा कर वाह से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते घटना स्थल में दुकान के मालिक पहुंचने पर अवैध शराब माफिया के गुर्गों ने व्यापारी समीर खान पर लात घुसे ताबड़तों वार कर घायल कर दिए। घटना के बाद शिकायतकर्ता ने गंज थाना और आबकारी आयुक्त के पास लिखित शिकायता की है। RED MORE:रायपुर में टीम इंडिया की पहली हार,कोहली का शतक भी न बचा सका मैच,आख़िरी ओवर में अफ्रीका ने छीनी जीत।

शिकायत के बाद व्यापारी को कोचियों ने से नाम वापसी लेने दिया जान से मारने की धमकी,

रोजाना 400 पेटी अवैध शराब खपत की दवा, शराब माफिया ने गंज मंडी में बनाई अस्थायी दुकान।

PMN 24 NEWS: स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, धड़ल्ले से यह कारोबार कई सालों से चल रहा है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सिंडिकेट बनाकर रोजाना शासकीय देशी शराब दुकान के सामने ही 200 सौ से 400 सौ से ज्यादा शोले ब्रांड शराब की पेटी अवैध रूप से खपत करने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह पूरा खेल भाजपा के दिग्गज नेता और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी के संरक्षण से चल रहा है। विडंबना यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब माफियाओं ने शासकीय देशी शराब दुकान के सामने ही शोले ब्रांड को शराब को अधिक दर पर आसानी से  बेधड़क अवैध शराब बेच रहे है। जबकि वहीं देशी शराब दुकान के कर्मचारी के द्वारा बिना ब्रांड के शराब दिया जाता रहा है। रोजाना इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की सप्लाई ने देशी शराब दुकान गंज के सुपरवाइजर और आबकारी निरीक्षक पर भी कमीशन खोरी का गंभीर आरोप लग रहे हैं। वहीं शराब बेचने के दौरान 5 से 6 लोग मौजूद रहते है,जो विरोध करने वालों पर जानलेवा हमला करने के लिए तैयार रहते हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि, सुबह के समय शराब बिकने से इलाके में नशेड़ियों की भीड़ लग जाती है। इससे महिलाओं और राहगीरों को परेशानी होती है। कई बार विवाद और गाली-गलौज की स्थिति भी बन चुकी है। RED MORE:

शिकायत के बाद व्यापारी को शराब कोचियों ने नाम वापसी लेने जान से मारने दी धमकी, थाना प्रभारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल।

PMN 24 NEWS: घटना के बाद व्यापारी समीर खान ने गंज थाना में लिखित शिकायत दी। शिकायत के बावजूद गंज थाना प्रभारी भावेश गौतम ने 3 दिनों के बाद शराब माफिया एवं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर कोई मामला दर्ज नहीं की। बल्कि शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शराब माफिया के गुर्दे ने थाना के सामने ही शिकायतकर्ता से शिकायत से नाम वापस नहीं लेने पर जान से मारने धमकी देकर दबाव बनाया गया। जिसका बकायदा शिकायतकर्ता  ने वीडियो बना कर गंज थाना प्रभारी भावेश गौतम को जानकारी दी। बावजूद थाना प्रभारी ने अब तक आरोपियों पर कोई कार्यवाही करना तो दूर कार्यवाही के नाम पर पीड़ित को जांच में झूठे आश्वासन देकर थाने में मामला तक दर्ज नहीं किया है। इस से यह स्पष्ट होता है कि पूरा सिंडिकेट का संचालन कराने गंज थाना प्रभारी भावेश गौतम के बिना संरक्षण के संपन्न होना संभव नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गंज थाना प्रभारी और थाने में पदस्त आरक्षक सौरभ सिंह यादव और आरक्षक अशोक राठौर के द्वारा प्रति माह शराब माफिया से प्रभारी को मोटी कमीशन की रकम पहुंच जाता है। आरोप यह भी है लंबे समय से एक ही थाना में पदस्थ आरक्षक सौरभ सिंह यादव और अशोक राठौर के द्वारा और भी कई अवैध गतिविधियों में संलिप्त कारोबार को बढ़वा देने मलाई मिठाई लेकर थाना प्रभारी को पहुंचाया जाता है। यही वजह है कि गंज थाना में पदस्त आरक्षक सौरभ सिंह यादव और अशोक राठौर का कई बार ट्रान्सफर लिस्ट में नाम आने के बाद रवानगी नहीं दिया जाता।  आईजी कार्यालय में आरक्षकों के नाम लिखित शिकायत दर्ज है। कई बार आईजी कार्यालय से आरक्षकों का वर्तमान जगह में ट्रांसफर के लिए कई बार पत्र जारी किया गया। लेकिन प्रभारी भावेश गौतम के संरक्षण और थाना में पदस्त आरक्षकों से लाभ मिलने से थाना किसी तरह उच्च अधिकारी के आदेश को धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। साफ तौर पर दिखाई दे रही है।  RED MORE:छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की कीमत तय करने के नए नियम लागू, पुराने मकानों पर रियायत

ट्रांसफर आदेश के बावजूद आरक्षक साले से एक ही थाने में जमा, उच्च अधिकारियों के आदेश की उड़ाई धज्जियां।

PMN 24 NEWS: गंज थाना में पदस्त आरक्षक सौरभ यादव द्वारा शासन और विभागीय आदेशों की लगातार अवहेलना की गई है। विभाग द्वारा 17 जून 2025 को 386 आरक्षकों का विभागीय ट्रांसफर लिस्ट सूची जारी की गई। सूची में सौरभ सिंह यादव का 330 क्रमांक में गंज थाना से उरला थाना में पदस्त होने के लिए आदेश जारी किया गया। लेकिन आरक्षक से गंज थाना में मिल रहे मलाई मिठाई का मोह छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे है। विभाग के उच्च अधिकारी ने आरक्षक सौरभ सिंह यादव को आई टी कोर्स प्रशिक्षण में जाने आदेशों जारी किया था। आरक्षक ने विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं किया। बार-बार आरक्षक ने ड्यूटी से कभी अवकाश लेकर घर में बैठ जाता है। तो कभी फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर प्रशिक्षण से बचाता रहा। इस प्रकार आरक्षक विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम मजाक उड़ाया है। गंज थाना में पदस्त आरक्षक सौरभ यादव थाना प्रभारी के संरक्षण से लगभग 4 सालों से एक ही थाना में पदस्थ है। और अपने आप को थाना प्रभारी के गैर मौजदूगी में पत्रकार को समाचार से संबंधित किस मामले में समाचार के लिए जानकारी पूछने पर कई बार गुमराह किया गया। और आपने आप को ही गंज थाना प्रभारी में मुझे थाना इंचार्ज  दिया है बोलकर पत्रकारों से अभद्र व्यवहार करता है ।RED MORE:शराब घोटाला मामले में ED ने चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 364 प्लॉट और चल संपत्ति अटैच।

शिकायकर्ता ने आबकारी-पुलिस विभाग में नामजद शिकायत के बावजूद अब तक शराब माफिया पर नहीं हुई कोई कार्यवाही।

PMN 24 NEWS: बड़ा सवाल यह है कि, गंज मंडी जैसे व्यस्त इलाके में चल रहे इस अवैध धंधे की जानकारी आबकारी विभाग और पुलिस को कैसे नहीं है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि, कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है या अवैध शराब माफिया को संरक्षण मिल रहा है।वायरल वीडियो में शराब तस्करों के पास शोले ब्रांड की शराब दिख रही है। यह ब्रांड आबकारी विभाग की तरफ से सरकारी दुकानों में बेचा जाता है। सरकारी शराब बड़े पैमाने पर कोचियों तक किस तरह से पहुंच रही है। ये सवाल भी खड़ा हो रहा है।

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