The Enforcement Directorate (ED) has revealed that Chaitanya Baghel was at the highest level of a liquor syndicate, controlling and making decisions for the entire network. Operations related to illegal collection, channelization, and distribution were conducted under his directives, and he maintained the financial accounts of the money earned by the syndicate. According to the ED, Baghel invested the proceeds from the liquor scam into the real estate project ‘Vithal Green’ developed by Baghel Developers, in an attempt to present it as legitimate property. In connection with the liquor scam, the ED has attached assets worth ₹61.20 crores, including 364 plots and movable properties.
प्रेम कुमार
PMN 24 NEWS: रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। ED के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में 364 आवासीय प्लॉट और कृषि भूमि के टुकड़े शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 1.24 करोड़ रुपए की बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट भी जब्त किए गए हैं।इसके साथ ही शराब घोटाले में अब तक ईडी द्वारा कुल 276 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

पूर्व CM भूपेश बघेल ED को पैतृक संपत्ति जब्त कर डराने का आरोप लगाते सोसल मीडिया में किया पोस्ट।
PMN 24 NEWS: पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा सोचते हो पैतृक संपत्ति जब्त करके डरा लोगे। हम कांग्रेस के सिपाही हैं, ‘डरो मत’ के अनुयायी हैं। बस्तर के जल, जंगल, जमीन को जब्त करने वालों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। चैतन्य बघेल 8 जुलाई 2025 से जेल में ईडी ने 8 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। ईडी की जांच के अनुसार शराब घोटाले से करीब 2500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई थी। यह जांच एसीबी और ईओडब्ल्यू रायपुर की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें आईसीपी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल थीं। Red more:छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की कीमत तय करने के नए नियम लागू, पुराने मकानों पर रियायत


सिंडिकेट का प्रमुख था चैतन्य बघेल,विठ्ठल ग्रीन’ प्रोजेक्ट में लगाई थी अपनी अवैध कमाई।
PMN 24 NEWS: ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के सर्वोच्च स्तर पर था। पूरे नेटवर्क का नियंत्रण और निर्णय उसी के निर्देश पर होते थे। अवैध कलेक्शन, चैनलाइजेशन और वितरण का संचालन उसके निर्देश पर किया जाता था। सिंडिकेट द्वारा कमाई गई राशि का हिसाब-किताब भी वह ही रखता था। ईडी के अनुसार चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से कमाई गई रकम को बघेल डेवलपर्स की रियल एस्टेट परियोजना विठ्ठल ग्रीन में निवेश किया, ताकि उसे वैध संपत्ति के रूप में दिखाया जा सके।Red More:
In the liquor scam case, the Enforcement Directorate (ED) has attached Chaitanya Baghel’s property worth Rs 61.20 crore. This includes 364 residential plots and movable property, accounting for a total value of Rs 59.96 crore. Additionally, the ED has seized bank balances and fixed deposits amounting to Rs 1.24 crore. The investigation revealed that Chaitanya Baghel was at the highest level of the liquor syndicate, controlling operations and financial records related to illegal collections and distribution.
बिरनपुर हिंसा मामले में ढाई साल बाद पहली गवाही, मृतक भुनेश्वर साहू के भाई ने कोर्ट में दी हाजिरी।
215 करोड़ की संपत्ति को ED पहले भी कर चुकी है अटैच, PMLA के तहत कार्रवाई जारी।
PMN 24 NEWS: इस मामले में इससे पहले भी ईडी कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां और कुर्की कर चुकी है। पूर्व IAS अनिल टूटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनवर ढेबर, आबकारी अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी (ITS)और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमाकी भी बड़ी संपत्तियां अटैच की गई थीं। इस मामले में ED ने अब तक कुल 276 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। जांच में पाया गया कि बड़े पैमाने पर हुई अवैध कमाई से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ है और घोटाले के लाभार्थियों ने लगभग 2500 करोड़ रुपए जुटाए।

